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Taxpayers’ Charter

Taxpayers’ Charter

भारत मे टेक्स सिस्टम की नयी पहल और नए अद्याय की शरुआत तारीख 13 अगस्त 2020 को अपने देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने  की जिस मे transparent taxation honoring the Honest Platform शामिल किया गया ।

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प्रधानमंत्री मोदी जी ने 13 अगस्त 2020 को  देश के ईमानदार करदाताओं के लिए एक नया प्लेटफॉर्म ‘ट्रांसपेरेंट टैक्सेशन- ऑनरिंग द ऑनरेस्ट’ लॉन्च किया।इस अवसर पर, पीएम मोदी ने कहा कि यह मंच 21 वीं सदी की कर प्रणाली की शुरुआत है, जिसमें फेसलेस असेसमेंट-अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर जैसे प्रमुख सुधार शामिल हैं। फेसलेस असेसमेंट और टैक्सपेयर चार्टर 13 अगस्त 2020 से लागू हो गए हैं। 25 सितंबर से यानी दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन पर पूरे देश में फेसलेस अपील लागू की जाएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले बजट में टैक्सपेयर्स चार्टर शुरू करने की घोषणा की थी।पिछले हफ्ते, उन्होंने चार्टर के त्वरित कार्यान्वयन पर भी संकेत दिया। मंत्रालय ने कहा कि आयकर विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए सीबीडीटी ने कई कदम उठाए हैं। अब सवाल यह है की Taxpayers’ Charter है क्या? सभी लोगो को मन मे  यही सवाल बार बार गूंजते होंगे की ये है क्या ? तो मे आपको समझाऊंगा की ये Taxpayers’ Charter है क्या ।

Taxpayers’ Charter है क्या ? what is taxpayers’charter ?

Taxpayers’ Charter की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2020 के भाषण में की थी। चार्टर शुरू करने का उद्देश्य एक कर दाता और कर प्रशासन के बीच एक विश्वास कायम करना और उत्पीड़न को कम करना है। “हम इस बजट के माध्यम से विधियों में एक ‘करदाता चार्टर’ को सुनिश्चित करना चाहते हैं। हमारी सरकार करदाताओं को आश्वस्त करना चाहती है कि हम टैक्स प्रणाली मे नए सुधर और  उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि हमारे नागरिक किसी भी तरह के उत्पीड़न से मुक्त हों “, यह उन्होंने अपने बजेट के दौरान अपने बजेट भाषण  मे कहा था । ऊपर से ये भी कहा था की “आयकर विभाग की वितरण प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से मैं करदाताओं को अपनाने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को अनिवार्य करने के लिए आयकर अधिनियम के प्रावधानों में संशोधन करने का प्रस्ताव करती  हूं”

एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के कहे  अनुसार, Taxpayers’ Charter का उद्देश्य करदाताओं और आयकर विभाग के बीच विश्वास बढ़ाना है, करदाताओं की कठिनाई को कम करना और अधिकारियों की जिम्मेदारियों का निर्धारण करना है। वर्तमान में दुनिया के केवल तीन देश – संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया इन तीन देशों के Taxpayers’ Charter में 3 मुख्य बिंदु शामिल हैं।

1. करदाता को ईमानदार मानने के लिए:

जब तक यह साबित नहीं हो जाता है कि करदाता ने कर चोरी या गबन किया है, उसे एक ईमानदार करदाता और सम्मानित माना जाना चाहिए।

2. समय पर सेवा:

ताकि करदाताओं की समस्या का जल्द समाधान हो सके। यदि किसी समस्या का तत्काल समाधान संभव नहीं है, तो निश्चित समयावधि में समाधान की व्यवस्था करें।

3. आदेश से पहले सत्यापन:

करदाताओं को उनके खिलाफ आदेश जारी करने से पहले जांच करने का अवसर देता है, ताकि नुकसान का आदेश पास न हो।

Taxpayers’ Charter का विस्तार 

करदाता का चार्टर एक स्वागत योग्य कदम है जो कानून में करदाताओं के अधिकारों और कर्तव्यों को सुनिश्चित करता है। हालांकि यह अधिकांश करदाताओं और अधिकारियों को ज्ञात था, एक विशेष चार्टर की शुरूआत करदाताओं और अधिकारियों दोनों की धारणा को बदल देती है करदाताओं को एक समान हितधारक के रूप में देखे जाने वाले अपराधियों के रूप में जांच की जा रही थी । जब की अब यह बदलाव इस नयी प्रणाली से आये गा। इस सरकार ने विभिन्न अन्य योजनाओं में अपने दृष्टिकोण के साथ-साथ स्वैच्छिक अनुपालन के लिए बड़े पैमाने पर आबादी को प्रोत्साहित करने की कोशिश की है और इससे प्रत्यक्ष कर के मोर्चे में वांछित सुधार प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।हम सभी ने एलपीजी सब्सिडी के स्वैच्छिक आत्मसमर्पण की व्यापक सफलता देखी। सरकार वांछित उद्देश्य के लिए जनसंख्या को प्रेरित करने के लिए सार्वजनिक नीति में  अलग दृश्टिकोण और बदलाव  के करने के लिए कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से कार्यरत  है। यह उल्लेखनीय है कि यह मूल रूप से हमारे 2019 के राष्ट्रीय आर्थिक सर्वेक्षण में भी प्रस्तावित किया गया था।

Taxpayers’ Charter  करदाताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता :

  • करदाता को ईमानदार मानें: आयकर विभाग हर करदाता को ईमानदार मानता है जब तक कि अन्यथा विश्वास करने का कोई कारण न हो।

  • अपील और समीक्षा के लिए तंत्र प्रदान करने के लिए: कर विभाग निष्पक्ष और निष्पक्ष अपील और समीक्षा तंत्र प्रदान करेगा।

  • पूर्ण और सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए: विभाग कानून के तहत अनुपालन दायित्वों को पूरा करने के लिए सटीक जानकारी प्रदान करेगा।

  • समय पर निर्णय देने के लिए: विभाग कानून के तहत निर्धारित समय के भीतर हर आयकर-कार्यवाही में निर्णय लेगा।

 

  • कर की सही राशि एकत्र करने के लिए: विभाग कानून के अनुसार केवल राशि एकत्र करेगा।

 

  • करदाताओं की गोपनीयता का सम्मान करने के लिए: विभाग कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करेगा और किसी भी जांच, परीक्षा या प्रवर्तन कार्रवाई में आवश्यकता से अधिक घुसपैठ नहीं करेगा।

 

  • गोपनीयता बनाए रखने के लिए: विभाग करदाता द्वारा प्रदान की गई किसी भी जानकारी का खुलासा तब तक नहीं करेगा जब तक कि कानून द्वारा अधिकृत न हो।

 

  • अपने अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने के लिए: विभाग अपने अधिकारियों को उनके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।

 

  • पसंद के प्रतिनिधि को सक्षम करने के लिए: विभाग प्रत्येक करदाता को अपनी पसंद का अधिकृत प्रतिनिधि चुनने की अनुमति देगा।

 

  • शिकायत दर्ज करने के लिए तंत्र प्रदान करने के लिए: विभाग शिकायत दर्ज करने और इसके शीघ्र निपटान के लिए तंत्र प्रदान करेगा।

 

  • एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण प्रणाली प्रदान करने के लिए: विभाग एक निष्पक्ष और निष्पक्ष प्रणाली प्रदान करेगा और समयबद्ध तरीके से कर मुद्दों को हल करेगा।

 

  • सेवा मानकों को प्रकाशित करने और समय-समय पर रिपोर्ट करने के लिए: विभाग समय-समय पर सेवा वितरण के लिए मानकों को प्रकाशित करेगा।

 

  • अनुपालन की लागत को कम करने के लिए: कर मुकदमेबाजी का प्रशासन करते समय विभाग को अनुपालन की लागत को ध्यान में रखना चाहिए।

Taxpayers’ Charter  करदाताओं से क्या अपेक्षा करता है:

ईमानदार और अनुपालन करें: करदाता से अपेक्षा की जाती है कि वह पूरी जानकारी का ईमानदारी से खुलासा करे और अपने अनुपालन दायित्वों को पूरा करे

सूचित रहें: करदाता से अपेक्षा की जाती है कि वह कर कानून के तहत अपने अनुपालन दायित्वों से अवगत हो और जरूरत पड़ने पर विभाग की मदद ले।

सटीक रिकॉर्ड रखें: करदाता से अपेक्षा की जाती है कि वह सही रिकॉर्ड को कानून के अनुसार रखे।

जानिए कि प्रतिनिधि अपनी ओर से क्या करता है: करदाता से यह जानने की अपेक्षा की जाती है कि उसके अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा क्या जानकारी और प्रस्तुतियाँ दी जाती हैं।

समय में जवाब: करदाता से अपेक्षा की जाती है कि वह समयबद्ध तरीके से कर कानून के अनुसार प्रस्तुतियाँ करें।

समय में भुगतान: करदाता को समय के अनुसार कानून के अनुसार राशि का भुगतान करने की उम्मीद है।

NOTE: यह जो जानकारी दी गई है वह न्यूज़ चैनल और न्यूज़ प्रिंट के माधयम से मिली जानकारी के आधार से दी गई है 

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